निबंध, रिपोर्ट, पत्र या ईमेल लिखते समय जो शब्द बार-बार सामने आते हैं, उनकी छोटी और साफ़ परिभाषाएँ, हर एक के साथ उस टूल या गाइड का लिंक जो उस काम में मदद करता है।
अनुच्छेद paragraph
एक केंद्रीय विचार पर लिखे गए वाक्यों का समूह, जो नई पंक्ति से शुरू होता है। आमतौर पर पहला वाक्य विचार बताता है और बाकी उसे समझाते, सिद्ध करते या उदाहरण देते हैं। विचार बदलते ही नया अनुच्छेद शुरू करें। अनुच्छेद कितना लंबा हो, यह गाइड में है।
अनुस्वार और चंद्रबिंदु ं और ँ
अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) नासिक्य ध्वनि दर्शाते हैं। मानक वर्तनी में पंचम वर्ण की जगह अनुस्वार चलता है: हिंदी, संबंध, गंगा। चंद्रबिंदु वहाँ आता है जहाँ शिरोरेखा के ऊपर मात्रा न हो: जाँच, यहाँ; मात्रा हो तो बिंदु ही चलता है: में, नहीं।
अलंकार figure of speech
काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व। शब्दालंकार शब्द की ध्वनि या रचना पर टिके होते हैं, जैसे अनुप्रास और यमक; अर्थालंकार अर्थ के चमत्कार पर, जैसे उपमा, रूपक और उत्प्रेक्षा। "मुख चंद्रमा-सा सुंदर है" उपमा है, "मुख चंद्रमा है" रूपक। अलंकार के भेद और उदाहरण पढ़ें।
आदरसूचक शब्द आप, तुम, तू
हिंदी में संबोधन की तीन श्रेणियाँ हैं: "आप" (आदर और औपचारिकता), "तुम" (आत्मीय, बराबरी) और "तू" (बहुत निकट या अनादर)। पत्र, ईमेल और ग्राहक-संवाद में "आप" और "श्री/श्रीमती/सुश्री" जैसे पदों का प्रयोग मानक है। आप, तुम और तू गाइड में विस्तार है।
उद्धरण direct quotation
स्रोत के शब्द ज्यों के त्यों उद्धरण-चिह्नों में देना, लंबे अंश को अलग इंडेंट किए खंड में रखना, और उसके बाद पृष्ठ-संख्या सहित संदर्भ लिखना। उद्धरण तब लें जब शब्द-रचना ही मायने रखती हो, जैसे परिभाषा, कानून की धारा या कोई यादगार पंक्ति। बहुत ज़्यादा उद्धरण लेख को टुकड़ों का कोलाज बना देते हैं।
औपचारिक और अनौपचारिक लेखन register, लहजा
औपचारिक लेखन (आवेदन, कार्यालयी पत्र, शोध) में मानक शब्द, आदरसूचक "आप" और संतुलित वाक्य चलते हैं। अनौपचारिक लेखन (चैट, निजी पत्र, ब्लॉग) में बोलचाल के शब्द और छोटे वाक्य स्वाभाविक लगते हैं। श्रोता और अवसर के हिसाब से लहजा चुनें; टोन चेंजर यही बदलाव एक क्लिक में करता है।
तत्सम, तद्भव और विदेशी शब्द शब्द-स्रोत
स्रोत के आधार पर हिंदी के शब्द-भंडार के वर्ग। तत्सम संस्कृत के ज्यों के त्यों शब्द हैं (विद्यालय, अग्नि), तद्भव उनके बिगड़े रूप (आग, आठ), देशज स्थानीय बोलियों से आए हैं और विदेशी शब्द फ़ारसी, अरबी, अंग्रेज़ी आदि से (स्कूल, ज़रूरी)। रजिस्टर के अनुसार इनका मेल चुनना अच्छे लेखन की निशानी है।
थीसिस कथन thesis statement
निबंध की भूमिका के अंत में आने वाला वह वाक्य जो मुख्य दावा और उसके कारण बताता है। अच्छा कथन विशिष्ट, बहस-योग्य और शब्द-सीमा में सिद्ध होने लायक़ संकरा होता है: "विद्यालयों में मोबाइल प्रतिबंधित हो, क्योंकि वह ध्यान भटकाता है" "मोबाइल एक रोचक विषय है" से कहीं बेहतर है। उदाहरण देखें।
नुक़्ता नुक्ता, बिंदी
वर्ण के नीचे लगने वाला बिंदु, जो उर्दू-फ़ारसी-अरबी से आए शब्दों की ज़, फ़, क़, ख़, ग़ जैसी ध्वनियाँ दिखाता है: ज़रूर, फ़ैसला, क़ानून। मानक वर्तनी में आगत शब्दों में इसे लगाना अपेक्षित है, पर हिंदी के अपने शब्दों में नहीं: जैसे "फल" में नुक़्ता नहीं लगता, जबकि "फ़ल" ग़लत है।
पठनीयता readability
पाठ को कितनी आसानी से पढ़ा और समझा जा सकता है। छोटे वाक्य, परिचित शब्द और स्पष्ट अनुच्छेद इसे बढ़ाते हैं। AdeptWrite का पठनीयता टूल हिंदी के लिए LIX सूचकांक से स्कोर देता है और अपना सूत्र बताता है; यह अनुमान है, पाठक की समझ की गारंटी नहीं।
पत्र लेखन औपचारिक और अनौपचारिक पत्र
पत्र लिखने की निर्धारित विधि। औपचारिक पत्र में प्रेषक का पता, तिथि, प्राप्तकर्ता का पद व पता, विषय, संबोधन ("महोदय/महोदया"), मूल पाठ, "भवदीय" जैसा समापन और हस्ताक्षर आते हैं; अनौपचारिक पत्र में आत्मीय संबोधन और ढीला प्रारूप चलता है। पत्र का प्रारूप देखें।
पर्यायवाची शब्द synonyms
समान या मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द, जैसे "सूर्य" के लिए रवि, भानु, दिनकर। पर्याय बिल्कुल एक-जैसे नहीं होते; उनमें रजिस्टर और अर्थ-छटा का फ़र्क रहता है। इसीलिए पैराफ़्रेज़ में शब्द बदलते समय देखें कि नया शब्द उस संदर्भ और लहजे में बैठता है या नहीं।
पैराफ़्रेज़ paraphrase
किसी अंश को अपने शब्दों और अपनी वाक्य-रचना में, अर्थ बदले बिना, दोबारा लिखना। इसकी लंबाई प्रायः मूल जितनी होती है, जबकि सारांश छोटा होता है। शोध और असाइनमेंट में पैराफ़्रेज़ के साथ भी स्रोत का संदर्भ देना पड़ता है; बिना संदर्भ का पैराफ़्रेज़ साहित्यिक चोरी माना जाता है। हिंदी में पैराफ़्रेज़ कैसे करें देखें।
भावार्थ सरलार्थ
किसी दोहे, पद या कविता-अंश का आशय सरल गद्य में लिखना, जैसे कबीर या रहीम के दोहे का भावार्थ। यह स्कूल का जाना-पहचाना अभ्यास है और पैराफ़्रेज़ का निकट रिश्तेदार है, पर शोध में स्रोत के पाठ को अपने शब्दों में ढालना अलग से संदर्भ माँगता है। पैराफ़्रेज़िंग का अर्थ देखें।
योजक शब्द समुच्चयबोधक, connectors
ऐसे शब्द जो वाक्यों और विचारों को जोड़ते हैं और उनका संबंध बताते हैं: जोड़ने के लिए "और", "तथा"; विरोध के लिए "किंतु", "परंतु"; कारण के लिए "क्योंकि", "इसलिए"; क्रम के लिए "पहले", "अंत में"। सही जगह वे पाठक को राह दिखाते हैं; हर वाक्य में ठूँसने पर लेखन यांत्रिक लगने लगता है।
रूपरेखा outline
लिखना शुरू करने से पहले बनाई गई योजना: मुख्य खंड, उनका क्रम और हर खंड के प्रमुख बिंदु, प्रायः सूची के रूप में। रूपरेखा तर्क को क्रमबद्ध रखती है, खंडों को एक-दूसरे में घुलने से बचाती है और लिखना आसान करती है, क्योंकि खाली पन्ने के बजाय आपके सामने एक ढाँचा होता है।
वर्तनी शुद्ध-अशुद्ध शब्द, spelling
शब्दों को सही वर्णों, मात्राओं और चिह्नों के साथ लिखने की पद्धति। हिंदी की मानक वर्तनी केंद्रीय हिंदी निदेशालय की "देवनागरी लिपि तथा हिंदी वर्तनी का मानकीकरण" पुस्तिका तय करती है। आम चूकें हैं ह्रस्व-दीर्घ (परीक्षा, स्थिति), नुक़्ता (ज़रूर) और संयुक्ताक्षर। आम अशुद्ध-शुद्ध शब्द देखें।
वाच्य voice, कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य
क्रिया का वह रूप जो बताता है कि वाक्य में प्रधानता कर्ता, कर्म या भाव की है। कर्तृवाच्य में क्रिया कर्ता के अनुसार चलती है ("राम पत्र लिखता है"), कर्मवाच्य में कर्म के अनुसार ("पत्र लिखा गया"), और भाववाच्य में क्रिया भाव प्रधान रहती है ("मुझसे चला नहीं जाता")। नियम और उदाहरण देखें।
विराम चिह्न punctuation
वाक्य में ठहराव और भाव बताने वाले चिह्न: पूर्ण विराम (।), अल्प विराम (,), अर्ध विराम (;), प्रश्नचिह्न (?), विस्मयादिबोधक चिह्न (!), योजक (-) और उद्धरण-चिह्न। हिंदी की ख़ास पहचान पूर्ण विराम की खड़ी पाई "।" है; अंग्रेज़ी का बिंदु हिंदी वाक्य के अंत में नहीं लगाया जाता। सभी नियम देखें।
व्याकरण grammar
भाषा के शुद्ध प्रयोग के नियमों का शास्त्र, जिसमें वर्ण-विचार, शब्द-विचार (संज्ञा, क्रिया आदि), वाक्य-विचार, वचन, लिंग, कारक और काल आते हैं। हिंदी में आम चूकें हैं लिंग-वचन की अनुरूपता, "ने" का प्रयोग और विभक्ति का शब्द से जुड़ना या अलग लिखना। ग्रामर चेकर सुझाव देता है, पर अंतिम निर्णय आपका है।
शब्द-भेद parts of speech
वाक्य में शब्दों का काम के आधार पर वर्गीकरण: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, क्रिया-विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक। विकारी शब्द लिंग, वचन या कारक से बदलते हैं और अविकारी नहीं बदलते। शब्द-भेद पहचानना व्याकरण की गलतियाँ पकड़ने का पहला कदम है। उदाहरण सहित गाइड देखें।
शोध सार abstract
शोध-पत्र या शोध प्रबंध के आरंभ में रखा गया संक्षिप्त, स्वतःपूर्ण सार, जिसमें पृष्ठभूमि, उद्देश्य, पद्धति, मुख्य निष्कर्ष और समापन आते हैं। इसे सबसे बाद में पूरे वाक्यों में लिखा जाता है और अक्सर कुंजी-शब्द जोड़े जाते हैं। पाठक इसी से तय करते हैं कि पूरा पत्र पढ़ना है या नहीं, इसलिए शब्द-सीमा का ध्यान रखें।
संदर्भ citation
पाठ के भीतर दी गई छोटी सूचना जो बताती है कि उद्धरण, पैराफ़्रेज़ या आँकड़ा किस स्रोत से लिया गया, जैसे APA 7 में (शर्मा, 2021, पृ. 45)। यह अंत की संदर्भ-सूची की पूरी प्रविष्टि की ओर इशारा करता है। नाम, वर्ष और पृष्ठ लिखने का ढंग हर शैली में अलग है, इसलिए वही शैली अपनाएँ जो आपके संस्थान ने माँगी है।
संदर्भ शैली APA, MLA, Chicago, Harvard, IEEE
स्रोतों को पाठ में बताने और अंत में सूचीबद्ध करने के नियमों का समूह। APA 7 मनोविज्ञान, शिक्षा और समाज-विज्ञान में, MLA 9 साहित्य और भाषाओं में, Chicago इतिहास और प्रकाशन में चलती है; Harvard लेखक-वर्ष शैलियों का परिवार है और IEEE अभियांत्रिकी में क्रमांकित संदर्भ देती है। चुनाव आपका पाठ्यक्रम या पत्रिका करती है।
संदर्भ-सूची और ग्रंथ-सूची reference list, bibliography
लेख के अंत में दी जाने वाली स्रोतों की सूची। संदर्भ-सूची में केवल वही स्रोत होते हैं जिनका पाठ में हवाला दिया गया; ग्रंथ-सूची में पढ़ी गई सामग्री भी आ सकती है। हर प्रविष्टि में लेखक, वर्ष, शीर्षक और प्रकाशन का ब्योरा रहता है। दोनों का अंतर देखें।
सारांश summary
किसी पाठ का संक्षिप्त रूप, जिसमें केवल मुख्य बातें अपने शब्दों में रहती हैं और उदाहरण तथा अवांतर प्रसंग छूट जाते हैं। सारांश मूल से काफ़ी छोटा होता है। किसी और की रचना का सारांश अपने लेखन में लेने पर भी संदर्भ देना ज़रूरी है। सारांश कैसे लिखें पढ़ें।
साहित्यिक चोरी प्लेजरिज़्म
किसी और के शब्दों, विचारों या आँकड़ों को श्रेय दिए बिना अपना बताकर प्रस्तुत करना। इसमें उद्धरण-चिह्न के बिना वाक्य उतारना, कुछ शब्द बदलकर ढाँचा वही रखना, पुराना अपना काम बिना बताए दोबारा जमा करना और किसी और का लिखा जमा करना शामिल है। परिणाम असाइनमेंट रद्द होने से लेकर निष्कासन तक हो सकते हैं। विस्तार से पढ़ें।
AI डिटेक्टर AI content detector
ऐसा टूल जो पाठ के सांख्यिकीय संकेतों से अनुमान लगाता है कि उसे AI ने लिखा होगा या नहीं। उसका स्कोर एक अनुमान है, प्रमाण नहीं: वह इंसानी पाठ को AI का और AI के पाठ को इंसानी बता सकता है। इसलिए किसी पर आरोप लगाने का आधार केवल यह स्कोर न बनाएँ। AI डिटेक्टर कैसे काम करते हैं देखें।
AI ह्यूमनाइज़र AI humanizer
ऐसा टूल जो AI से बने रूखे या ढर्रे वाले मसौदे को ज़्यादा स्वाभाविक और निजी अंदाज़ में दोबारा लिखता है, अर्थ और तथ्य वही रखते हुए। वह किसी डिटेक्टर को पार करने की गारंटी नहीं देता। जो आप जमा करें उसे खुद पढ़कर जाँचें और संस्थान के नियम मानें। गाइड पढ़ें।