वाक्य कब "अटपटा" हो जाता है?
हिंदी में वाक्य अक्सर तीन कारणों से बोझिल बनते हैं: बहुत सारे उपवाक्य एक के बाद एक जुड़ जाना, अंग्रेज़ी की बनावट का सीधा उतार लेना (जैसे "इसके द्वारा किया गया है"), और एक ही संबंधबोधक का बार-बार आना। सुधारक इन्हीं को देखता है।
सामान्य और औपचारिक मोड
| मोड | क्या करता है | कहाँ चुनें |
|---|---|---|
| सामान्य | वाक्य छोटा और साफ़, लहजा वही | ब्लॉग, निबंध, रोज़ का लेखन |
| औपचारिक | साफ़ करने के साथ मानक शब्दावली | रिपोर्ट, आवेदन, कार्यालयी पत्र |
वाक्य सुधारक, पैराफ़्रेज़र और संक्षेपक में फ़र्क
- वाक्य सुधारक: अर्थ और लंबाई लगभग वही, बनावट साफ़।
- पैराफ़्रेज़िंग टूल: शब्द और ढाँचा दोनों नए, सात मोड में।
- वाक्य छोटा-बड़ा करें: लंबाई घटाना या बढ़ाना।
अच्छे परिणाम के लिए
- एक बार में एक विचार वाला हिस्सा चिपकाएँ।
- परिणाम में नाम, संख्याएँ और तारीख़ें मिला लें।
- पूरा पाठ बदलने के बजाय सिर्फ़ अटकने वाले वाक्य चलाएँ।
- बाद में हिंदी ग्रामर चेकर से व्याकरण और विराम चिह्न जाँचें।
सीमाएँ
एक बार में 6,000 अक्षर। AI की व्याख्या में बारीक अर्थ बदल सकता है, इसलिए कानूनी, चिकित्सकीय और तकनीकी पाठ में परिणाम को स्रोत से मिलाए बिना न इस्तेमाल करें। सेवा न पहुँचे तो संपादक त्रुटि संदेश और दोबारा कोशिश का बटन दिखाता है।