पठनीयता क्या है और LIX क्या मापता है?
पठनीयता का मतलब है कि पाठ कितनी आसानी से पढ़ा और समझा जा सकता है। LIX सूचकांक (Björnsson, 1968) दो बातें जोड़ता है: एक वाक्य में औसत कितने शब्द हैं, और कितने प्रतिशत शब्द 6 अक्षर से लंबे हैं। लंबे वाक्य और भारी शब्द दोनों स्कोर बढ़ाते हैं, यानी पाठ कठिन दिखता है।
| LIX स्कोर | स्तर |
|---|---|
| 30 से कम | बहुत आसान |
| 30 से 39 | आसान |
| 40 से 49 | सामान्य |
| 50 से 59 | कठिन |
| 60 या ऊपर | बहुत कठिन |
हिंदी के लिए सीमाएँ, साफ़ शब्दों में
हमारे पास हिंदी का कोई परखा हुआ पठनीयता सूत्र नहीं है, इसलिए भाषा-निरपेक्ष LIX इस्तेमाल होता है। इसकी तीन सीमाएँ याद रखें:
- मात्राएँ अक्षर-गिनती में जुड़ती हैं। "विद्यार्थी" जैसे शब्द की लंबाई मात्राओं समेत नापी जाती है, इसलिए हिंदी में 6 से लंबे शब्द अंग्रेज़ी या स्वीडिश की तुलना में ज़्यादा निकलते हैं और स्कोर थोड़ा ऊँचा आ सकता है।
- पट्टियाँ दूसरी भाषाओं के लिए बनी थीं। "बहुत कठिन" का मतलब है "इस पैमाने पर ऊँचा", यह नहीं कि हिंदी का औसत पाठक उसे नहीं समझेगा।
- छोटा पाठ अविश्वसनीय है। लगभग 150 शब्द से छोटे नमूने का स्कोर बहुत हिलता है।
इसलिए स्कोर को अंतिम फ़ैसला नहीं, एक संकेत की तरह पढ़ें, और खासकर अपने ही मसौदे के पहले-बाद की तुलना के लिए इस्तेमाल करें।
स्कोर घटाने के तरीके
- लंबे वाक्य को दो या तीन छोटे वाक्यों में तोड़ें।
- जहाँ संभव हो प्रचलित शब्द रखें: "निर्धारित" की जगह "तय", "प्रस्तुत करना" की जगह "जमा करना"। औपचारिक पत्र या सरकारी भाषा में मानक शब्द बने रहने चाहिए, इसलिए रजिस्टर देखकर तय करें।
- कर्मवाच्य की जगह कर्तृवाच्य रखने से वाक्य अक्सर छोटा हो जाता है।
- पठनीयता सुधारने के बाद वर्तनी के लिए हिंदी स्पेल चेकर और व्याकरण के लिए हिंदी ग्रामर चेकर चलाएँ।
गोपनीयता
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