कौन-सा रूप कब चुनें?
| रूप | क्या मिलता है | कब चुनें |
|---|---|---|
| मुक्त छंद | बिना तुक-बंधन की कविता | भाव और बिंब पर ज़ोर, नई कविता की शैली |
| तुकांत | पंक्तियों के अंत में तुक | गीत जैसा प्रवाह, बच्चों की कविता, मंच |
| एक्रोस्टिक | पंक्तियों के पहले अक्षर से शब्द बनता है | नाम पर कविता, कार्ड, शुभकामना |
| हाइकु | तीन छोटी पंक्तियों की कविता | एक क्षण या दृश्य, सोशल मीडिया |
बेहतर नतीजे के लिए विषय कैसे लिखें
सिर्फ़ "प्रेम" लिखने से सामान्य पंक्तियाँ आती हैं। ठोस ब्योरा दें: "मानसून में छत पर भीगता बचपन" या "दादी की रसोई की महक"। दो-तीन अपने शब्द जोड़ें और बताएँ कि भाव उदास हो, हल्का-फुल्का हो या उत्सव का। जितना निजी ब्योरा, उतनी कम घिसी-पिटी कविता।
तुक, मात्रा और छंद की सीमा
हिंदी काव्य में छंद का अपना अनुशासन है: दोहा, चौपाई या ग़ज़ल की बहर में मात्राएँ गिनी जाती हैं। यह टूल हिंदी तुक, मात्रा-गणना या हाइकु की अक्षर-गणना (5-7-5) की शुद्धता का दावा नहीं करता; इनका अलग से मूल्यांकन नहीं हुआ है। इसलिए शास्त्रीय छंद के लिए इसे अंतिम रूप नहीं, शुरुआती मसौदा समझें और पंक्तियाँ खुद गिनें। काव्य के तत्व समझने के लिए हमारी गाइड काव्य के तत्व और अलंकार पढ़ें।
प्रकाशित या जमा करने से पहले
- पंक्तियाँ ज़ोर से पढ़ें; जहाँ लय टूटे वहाँ शब्द बदलें।
- वर्तनी जाँचने के लिए हिंदी स्पेल चेकर चलाएँ।
- अगर कविता प्रतियोगिता, पत्रिका या कॉलेज के लिए है, तो संस्था के नियम देखें कि AI की मदद बताना ज़रूरी है या नहीं।
- अपनी बनाई कविता का इंटरनेट पर मिलान प्लेजरिज़्म चेकर से करके देखें।
AI कविता की ईमानदार सीमाएँ
AI अक्सर घिसे हुए बिंब दोहराता है (चाँद, दिल, सागर) और शब्दों का आधुनिक या तत्सम स्तर बीच में बदल सकता है। लंबी कविता में विषय भटक सकता है। नतीजा हर बार अलग होता है, इसलिए अच्छी पंक्तियाँ बचाकर बाकी बदलते रहें।