कौन-सी शैली चुनें?
वही शैली चुनें जो आपके शिक्षक, विभाग या पत्रिका ने बताई है। कुछ न बताया गया हो तो आम तौर पर यह चलता है:
| शैली | आम क्षेत्र | इन-टेक्स्ट रूप |
|---|---|---|
| APA 7 | मनोविज्ञान, शिक्षा, समाज विज्ञान | (लेखक, 2021) |
| MLA 9 | साहित्य, भाषाएँ, मानविकी | (लेखक 45) |
| Chicago (लेखक-तिथि) | इतिहास, कला | (लेखक 2021, 45) |
| Harvard | प्रबंधन और कई विश्वविद्यालय | (लेखक 2021) |
| IEEE | इंजीनियरिंग, कंप्यूटर विज्ञान | [1] |
Harvard की कोई एक आधिकारिक पुस्तिका नहीं है; जनरेटर Cite Them Right वाले आम रूप पर चलता है, इसलिए अपने विश्वविद्यालय की पुस्तिका से अंतर देख लें।
संदर्भ-सूची या ग्रंथ-सूची?
संदर्भ-सूची में केवल वे स्रोत आते हैं जिनका आपने पाठ में हवाला दिया। ग्रंथ-सूची में वे किताबें भी हो सकती हैं जो आपने पढ़ीं पर उद्धृत नहीं कीं। फ़र्क समझने के लिए पढ़ें ग्रंथ-सूची और संदर्भ-सूची में अंतर। हिंदी शोध में फ़ुटनोट का चलन भी है; उसके लिए देखें फ़ुटनोट और एंडनोट।
हिंदी स्रोतों का हवाला कैसे दें
पुस्तक या लेख के लिए लेखक, शीर्षक, प्रकाशक और वर्ष देवनागरी में ही भरें। लेखक का नाम "पहला नाम, उपनाम" के क्रम में भरने पर अंग्रेज़ी शैलियाँ उसे "उपनाम, आद्याक्षर" में उलटती हैं। हिंदी नामों में यह उलटफेर हमेशा सही नहीं बैठता (एक नाम वाले लेखक, उपनाम, "प्रेमचंद" जैसे नाम), इसलिए हर प्रविष्टि पढ़ें। संदर्भ-शैली पर भारतीय परिप्रेक्ष्य के लिए देखें हिंदी शोध में संदर्भ शैली।
टूल क्या नहीं करता
यह वही बनाता है जो आप भरते हैं; स्रोत खोजकर जानकारी नहीं भरता, इसलिए गलत वर्ष या गलत वर्तनी सीधे उद्धरण में आएगी। संपादित संग्रह, अनूदित पुस्तकें और सोशल मीडिया पोस्ट में हाथ से सुधार लग सकता है। जोड़ने वाले शब्द (et al., pp., n.d.) अभी हिंदी में नहीं बदलते, वे अंग्रेज़ी में ही रहते हैं। शैलियाँ संस्करणों के साथ बदलती हैं, इसलिए हर प्रविष्टि पुस्तिका से मिलाएँ।
उद्धरण देने से कॉपी किया अंश आपका लेखन नहीं बन जाता। इसके लिए पैराफ़्रेज़िंग टूल और जमा करने से पहले मिलान के लिए प्लेजरिज़्म चेकर काम आएँगे।