हिंदी विराम चिह्न: पूर्ण विराम (।), अल्प विराम और सभी नियम उदाहरण सहित
हिंदी वाक्य का अंत पूर्ण विराम (।) से होता है; प्रश्न के बाद ? और भाव के बाद ! आता है। हिंदी-अंग्रेज़ी मिले पाठ में वाक्य की भाषा तय करती है कि अंत । होगा या .।
हिंदी विराम चिह्न क्या हैं और कितने हैं
विराम चिह्न वे चिह्न हैं जो पढ़ते समय ठहराव, वाक्य के भेद और भाव बताते हैं। "रुको, मत जाओ" और "रुको मत, जाओ" का अर्थ अल्प विराम की जगह बदलने से उलट जाता है। इसलिए इन्हें लिखावट का हिस्सा मानना चाहिए, सजावट नहीं।
हिंदी में पूर्ण विराम (।) देवनागरी की अपनी देन है। प्रश्नवाचक (?), विस्मयादिबोधक (!) और उद्धरण चिह्न अंग्रेज़ी लेखन से आए हैं और हिंदी में पूरी तरह रच-बस गए हैं। इसी कारण जब हिंदी और अंग्रेज़ी एक ही पाठ में मिलती हैं, तो पूर्ण विराम और अंग्रेज़ी के full stop को लेकर उलझन होती है। इसका हल नीचे एक अलग खंड में दिया है।
मानक वर्तनी और लिपि-चिह्नों का आधार केंद्रीय हिंदी निदेशालय (शिक्षा मंत्रालय) की पुस्तिका «देवनागरी लिपि तथा हिंदी वर्तनी का मानकीकरण» है। परीक्षा और प्रकाशन में अपनी संस्था की नवीनतम निर्देश-पुस्तिका को अंतिम मानें।
एक नज़र में: चिह्न, नाम और काम
| चिह्न | नाम | मुख्य काम |
|---|---|---|
| । | पूर्ण विराम | विधानवाचक, आज्ञार्थक वाक्य का अंत |
| , | अल्प विराम | छोटा ठहराव, सूची और उपवाक्य अलग करना |
| ; | अर्धविराम | अल्प विराम से बड़ा, पूर्ण विराम से छोटा ठहराव |
| : | उपविराम | आगे उदाहरण, सूची या कथन बताना |
| ? | प्रश्नवाचक | प्रश्न का अंत |
| ! | विस्मयादिबोधक | हर्ष, शोक, आश्चर्य, संबोधन |
| ‘ ’ और “ ” | उद्धरण चिह्न | कथन, शीर्षक, विशेष शब्द |
| - | योजक | दो शब्दों को जोड़ना, द्वंद्व और पुनरुक्ति |
| — | निर्देशक (डैश) | स्पष्टीकरण, अचानक मोड़ |
| ( ) | कोष्ठक | अतिरिक्त जानकारी |
| ... | लोप चिह्न | छूटा हुआ अंश, अधूरा कथन |
पूर्ण विराम (।)
पूर्ण विराम वाक्य का अंत बताता है। यह वही चिह्न है जिसे दंड, खड़ी पाई या डंडा कहा जाता है। यूनिकोड में यह U+0964 है।
- विधानवाचक वाक्य: राम स्कूल जाता है।
- आज्ञार्थक वाक्य: कृपया शांत रहें।
- इच्छार्थक वाक्य: ईश्वर आपको स्वस्थ रखे।
पूर्ण विराम के बाद एक स्थान छोड़कर नया वाक्य लिखें, और पूर्ण विराम से पहले स्थान न छोड़ें। "राम स्कूल जाता है ।" (पहले स्थान के साथ) अनुशासित लेखन में ग़लत माना जाता है।
अल्प विराम (,)
अल्प विराम सबसे ज़्यादा चलने वाला और सबसे ज़्यादा बिगड़ने वाला चिह्न है। इसके मुख्य प्रयोग ये हैं।
- सूची के शब्द अलग करना। मेज़ पर किताबें, कलम, कॉपी और पानी की बोतल रखी थी। आख़िरी दो के बीच "और" हो तो वहाँ अल्प विराम नहीं लगता।
- उपवाक्य अलग करना। जब मैं घर पहुँचा, तब तक बारिश रुक चुकी थी।
- संबोधन के बाद। मोहन, यहाँ आओ।
- उदाहरण या समानाधिकरण शब्द के साथ। प्रेमचंद, हिंदी के प्रसिद्ध कथाकार, ने गोदान लिखा।
- "कि" के आसपास। सामान्यतः "कि" से पहले अल्प विराम नहीं लगता: उसने कहा कि कल वह नहीं आएगा।
अल्प विराम की चूक अक्सर अर्थ बदल देती है। "रोको, मत जाने दो" और "रोको मत, जाने दो" पर ग़ौर करें: एक में रोकने को कहा गया है, दूसरे में न रोकने को।
अर्धविराम (;) और उपविराम (:)
अर्धविराम तब आता है जब दो उपवाक्य जुड़े हों पर अल्प विराम काफ़ी न लगे: "वह कड़ी मेहनत करता है; इसलिए सफल होता है।" आज के सरल गद्य में इसका प्रयोग कम है।
उपविराम (:) वहाँ लगता है जहाँ आगे सूची, उदाहरण या उद्धरण आए: "ये कागज़ात लगाएँ: पहचान-पत्र, फ़ोटो और अंक-पत्र।"
प्रश्नवाचक (?) और विस्मयादिबोधक (!)
प्रश्नवाचक चिह्न प्रश्न के अंत में आता है और उसके बाद अलग से पूर्ण विराम नहीं लगता। "आप कहाँ जा रहे हैं?" सही है, "आप कहाँ जा रहे हैं?।" ग़लत।
विस्मयादिबोधक चिह्न हर्ष, शोक, आश्चर्य या पुकार का भाव बताता है। यह वाक्य के अंत में भी आता है और संबोधन-सूचक शब्द के बाद भी: "अरे! यह क्या हुआ?" "वाह, क्या बात है!" औपचारिक पत्र और शोध-लेखन में इसे कम से कम रखें। एक रचना में एक साथ कई विस्मयादिबोधक (!!!) लगाना अनौपचारिक चैट की आदत है, लेखन की नहीं।
उद्धरण चिह्न (‘ ’ और “ ”)
हिंदी में दो तरह के उद्धरण चिह्न मिलते हैं। एकल (‘ ’) का प्रयोग किसी शब्द, पद या शीर्षक को अलग दिखाने के लिए होता है। दोहरे (“ ”) का प्रयोग किसी के कथन को हू-ब-हू लिखने के लिए होता है।
- शीर्षक: प्रेमचंद की कहानी ‘ईदगाह’ बहुत प्रसिद्ध है।
- कथन: शिक्षक ने कहा, “कल परीक्षा होगी।”
- कथन के भीतर कथन: उसने कहा, “माँ ने बोला था, ‘समय पर आना’।”
टाइप करते समय सीधे " और ' की जगह घुमावदार “ ” ‘ ’ का प्रयोग छपाई में बेहतर दिखता है। एक ही दस्तावेज़ में दोनों शैलियाँ न मिलाएँ।
योजक (-) और निर्देशक (—)
योजक चिह्न (हाइफ़न) शब्दों को जोड़ता है और उसके दोनों ओर स्थान नहीं छोड़ा जाता।
- द्वंद्व समास: माता-पिता, दिन-रात, भाई-बहन।
- पुनरुक्त शब्द: धीरे-धीरे, घर-घर, बड़ा-सा।
- तुलनावाचक "-सा" के साथ: गुलाब-सा चेहरा।
निर्देशक चिह्न (डैश) योजक से लंबा होता है और स्पष्टीकरण या मोड़ दिखाता है। जैसे: "हमारा लक्ष्य—गाँव-गाँव तक शिक्षा—अभी दूर है।" योजक और डैश को आपस में मत बदलें।
कोष्ठक और लोप चिह्न
कोष्ठक में अतिरिक्त जानकारी या अंग्रेज़ी पर्याय आता है: "केंद्रीय हिंदी निदेशालय (CHD)"। लोप चिह्न (...) अधूरे कथन या छूटे अंश के लिए है; तीन बिंदु ही लगाएँ।
सबसे ज़रूरी भेद: पूर्ण विराम (।) बनाम अंग्रेज़ी full stop (.)
यह उलझन हिंदी लेखकों को सबसे ज़्यादा होती है, इसलिए इसे नियम की शक्ल में रखा गया है।
| स्थिति | क्या लिखें | उदाहरण |
|---|---|---|
| हिंदी वाक्य का अंत | । | आज बैठक है। |
| हिंदी वाक्य, पर अंतिम शब्द अंग्रेज़ी (रोमन) में | । | मैंने ईमेल में PDF भेज दी है। |
| पूरा वाक्य अंग्रेज़ी में | . | Please find the report attached. |
| दशमलव संख्या | . | 3.5 किलोग्राम |
| संक्षिप्त रूप | . या ॰ | डॉ. शर्मा, प्रो. वर्मा |
| वेब पता, फ़ाइल का नाम | . | adeptwrite.com, report.pdf |
सिद्धांत सरल है: वाक्य की भाषा तय करती है कि अंत कौन-सा चिह्न होगा। हिंदी वाक्य के अंत में अंग्रेज़ी शब्द आ जाए तब भी वाक्य हिंदी का है, इसलिए पूर्ण विराम (।) ही लगेगा। संक्षिप्त रूपों के लिए पारंपरिक लाघव चिह्न (॰) भी मिलता है, जैसे डॉ॰, पर कंप्यूटर और मोबाइल के लेखन में बिंदु (.) ही ज़्यादा चलता है। जो भी चुनें, एक पूरे दस्तावेज़ में एक रखें।
कुछ लेखक और वेबसाइटें हिंदी वाक्य का अंत भी "." से करती हैं, क्योंकि कीबोर्ड पर वही सहज है। बोलचाल की चैट में यह चल जाता है, पर विद्यालयी, सरकारी और प्रकाशित लेखन में । ही मानक है। एक और आम चूक है खड़ी रेखा "|" (कीबोर्ड वाला पाइप) को पूर्ण विराम की जगह लिखना। दिखने में मिलता-जुलता है, पर वह अलग वर्ण है। AdeptWrite की स्पेल-जाँच के नियमों में इसी का सुधार दर्ज है: देवनागरी शब्द के बाद आई "|" को "।" (U+0964) से बदलने का सुझाव।
कीबोर्ड पर । कैसे लिखें
कुंजी लेआउट और ऐप के संस्करण पर निर्भर है, इसलिए ये सामान्य दिशाएँ हैं।
- Windows: हिंदी कीबोर्ड लेआउट में पूर्ण विराम की कुंजी देखें। Word में 0964 लिखकर Alt+X दबाने से भी यह वर्ण बनता है।
- Android: Gboard में हिंदी जोड़ें। पूर्ण विराम विराम चिह्नों की पंक्ति में रहता है; न दिखे तो बिंदु की कुंजी दबाए रखकर देखें।
- Mac और iPhone: Hindi कीबोर्ड जोड़ें, या Control+Command+Space से अक्षर-दर्शक खोलकर "danda" खोजें।
- कहीं भी: । को एक बार कॉपी करके टेक्स्ट-शॉर्टकट में जोड़ लें।
सही और ग़लत: तालिका
| ग़लत | सही | क्या बदला | |
|---|---|---|---|
| वह घर गया . | वह घर गया। | अंग्रेज़ी बिंदु की जगह पूर्ण विराम, और पहले स्थान नहीं | |
| वह घर गया | वह घर गया। | पाइप की जगह । | |
| आप कैसे हैं ? | आप कैसे हैं? | प्रश्नवाचक से पहले स्थान नहीं | |
| उसने कहा कि, कल आऊँगा। | उसने कहा कि कल आऊँगा। | "कि" के बाद अल्प विराम नहीं | |
| माता - पिता | माता-पिता | योजक के दोनों ओर स्थान नहीं | |
| राम,श्याम और मोहन आए। | राम, श्याम और मोहन आए। | अल्प विराम के बाद एक स्थान | |
| क्या आप आएँगे?। | क्या आप आएँगे? | प्रश्नवाचक के बाद दूसरा चिह्न नहीं | |
| "आओ" उसने कहा। | “आओ,” उसने कहा। | घुमावदार उद्धरण और अल्प विराम |
लेखन में आम चूकें
- फ़ोन के अंग्रेज़ी कीबोर्ड से लिखते समय पूर्ण विराम की जगह बिंदु आ जाना।
- लंबे वाक्य में अल्प विराम की कमी, या हर दो शब्द पर उसकी अति।
- चिह्न से पहले अनावश्यक स्थान, जो पुरानी छपाई की आदत है।
- "???" या "!!!" जैसा दोहराव।
- सीधे और घुमावदार उद्धरण चिह्नों का मिश्रण।
AdeptWrite के टूल से जाँच कैसे करें
- हिंदी ग्रामर चेकर AI की मदद से वाक्य, वर्तनी और विराम चिह्न की चूक सुझाता है और हर बदलाव हाइलाइट करता है, ताकि आप तय कर सकें कि कौन-सा सुधार रखना है। AI के सुझाव निर्णायक नहीं हैं। विराम चिह्न अर्थ बदल सकते हैं, इसलिए हर सुझाव अपने अर्थ से मिलाइए।
- हिंदी स्पेल चेकर वर्तनी और ऊपर बताई गई पाइप-वाली चूक जैसी यांत्रिक चूकें पकड़ने के लिए है। उसकी जाँच आपके ब्राउज़र में होती है। वह हर चूक नहीं पकड़ता और अल्प विराम जैसे अर्थ-आधारित निर्णय नहीं ले सकता।
हर टूल एक बार में 6,000 अक्षर तक का पाठ लेता है, इसलिए लंबे लेख को अनुच्छेदों में बाँटकर जाँचें। वर्तनी की आम चूकों के लिए हिंदी के आम अशुद्ध-शुद्ध शब्द की मार्गदर्शिका साथ में देखें।
भेजने से पहले की जाँच
हर हिंदी वाक्य का अंत । से हुआ है, . या | से नहीं? चिह्नों से पहले कोई स्थान नहीं है? "कि" के आसपास अल्प विराम अर्थ के अनुसार है? उद्धरण चिह्न एक ही शैली के हैं? दशमलव और वेब पते में बिंदु है?
टूल आज़माएँ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हिंदी में वाक्य के अंत में कौन-सा चिह्न लगता है?
हिंदी विधानवाचक और आज्ञार्थक वाक्य का अंत पूर्ण विराम (।) से होता है। प्रश्न के अंत में प्रश्नवाचक (?) और भाव के अंत में विस्मयादिबोधक (!) आता है। प्रश्नवाचक या विस्मयादिबोधक के बाद अलग से पूर्ण विराम नहीं लगाया जाता।
हिंदी वाक्य के अंत में अंग्रेज़ी शब्द हो तो । लगाएँ या .?
पूरा वाक्य हिंदी का है, तो अंत में पूर्ण विराम (।) लगाएँ, भले ही अंतिम शब्द रोमन लिपि में हो, जैसे "मैंने PDF भेज दी है।" केवल पूरा अंग्रेज़ी वाक्य बिंदु (.) से समाप्त होता है। दशमलव और वेब पते में बिंदु ही रहता है।
क्या हिंदी में । की जगह . लिखना ग़लत है?
अनौपचारिक चैट में यह चल जाता है, पर विद्यालयी, सरकारी और प्रकाशित हिंदी लेखन में पूर्ण विराम (।) ही मानक है। एक ही दस्तावेज़ में दोनों मिलाना सबसे बुरा है। कीबोर्ड वाली खड़ी रेखा "|" भी पूर्ण विराम का सही विकल्प नहीं है।
कीबोर्ड पर पूर्ण विराम कैसे टाइप करें?
हिंदी कीबोर्ड लेआउट में अलग कुंजी होती है, जो ऐप और लेआउट के अनुसार बदलती है। Word में 0964 लिखकर Alt+X दबाने से भी यह वर्ण बन जाता है। Mac पर अक्षर-दर्शक में "danda" खोजें, या एक बार कॉपी करके अपने शॉर्टकट में जोड़ लें।
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