शब्द आवृत्ति से क्या पता चलता है?
किसी पाठ में कौन-सा शब्द कितनी बार आया, इसे शब्द आवृत्ति कहते हैं। यह दो तरह से काम आती है: लेखक के रूप में आप दोहराव पकड़ते हैं, और पाठक या विश्लेषक के रूप में पाठ का मुख्य विषय पहचानते हैं। हिंदी निबंध में "तथा", "एवं", "अर्थात्" जैसे योजक या एक ही क्रिया का बार-बार आना अक्सर यहीं पकड़ में आता है।
टूल कैसे गिनता है?
- पाठ को शब्दों में बाँटा जाता है और अंग्रेज़ी अक्षरों को छोटा (lowercase) कर लिया जाता है।
- हर अलग शब्द की गिनती होती है और प्रतिशत = शब्द की गिनती ÷ कुल शब्द।
- सूची गिनती के घटते क्रम में लगती है और अधिकतम 150 पंक्तियाँ दिखती हैं।
- एकल शब्द गिने जाते हैं, दो-तीन शब्दों के वाक्यांश नहीं।
- शब्दों के रूप जोड़े नहीं जाते: "पानी" और "पानी का" में "पानी" एक ही है, पर "हम" और "हमें" या "करना" और "करते" अलग-अलग गिने जाएँगे, क्योंकि टूल रूप-विश्लेषण नहीं करता।
"आम शब्द छिपाएँ" क्या करता है?
स्विच चालू होने पर "के, में, की, है, और, से, को, का, एक, पर" जैसे लगभग 50 सबसे आम हिंदी शब्द सूची से हट जाते हैं। इससे विषय-शब्द ऊपर आते हैं। पर यह छोटी, निश्चित सूची है; "हमें", "उन्हें" जैसे कुछ आम रूप फिर भी बच सकते हैं। पूरी तस्वीर देखनी हो तो स्विच बंद करके भी देखें।
SEO के लिए इस्तेमाल करते समय
कीवर्ड का प्रतिशत देखकर उसे ज़बरदस्ती बढ़ाने की कोशिश न करें। Google किसी तय "कीवर्ड घनत्व" की माँग नहीं करता; पाठ स्वाभाविक रहना चाहिए। आवृत्ति का फ़ायदा यह है कि आप देख सकें कि विषय-शब्द आए हैं या नहीं और कहीं एक शब्द अटपटे ढंग से दोहराया तो नहीं गया।
आगे क्या करें
- दोहराव के लिए पर्यायवाची खोजें: हिंदी पर्यायवाची शब्द।
- कुल शब्द-संख्या के लिए हिंदी वर्ड काउंटर खोलें।
- पाठ की सरलता जाँचने के लिए पठनीयता जाँच चलाएँ।
गोपनीयता
गिनती आपके ब्राउज़र में होती है। पाठ अपलोड या सहेजा नहीं जाता।