सारांश और पैराफ़्रेज़ में क्या फ़र्क है?
सारांश पाठ को छोटा करके केवल मुख्य विचार देता है; पैराफ़्रेज़ पाठ की लगभग उतनी ही लंबाई रखकर उसे नए शब्दों में कहता है। स्कूल में जिसे "सार" या "सारांश लेखन" कहा जाता है, वह यही पहली क्रिया है: मूल में जो मुख्य है उसे छाँटना और बाक़ी छोड़ना। भावार्थ, यानी किसी पद का अर्थ अपने शब्दों में कहना, अलग काम है; उसके लिए पैराफ़्रेज़िंग टूल देखें।
कौन-सा रूप कब चुनें?
| रूप | आउटपुट | कब काम आता है |
|---|---|---|
| मुख्य बिंदु | 3 से 7 पंक्तियाँ, हर एक पूरा विचार | नोट्स, दोहराव, प्रस्तुति के बिंदु |
| अनुच्छेद | 3 से 6 वाक्य का एक घना अनुच्छेद | रिपोर्ट का सार, ईमेल में संक्षेप |
| एक वाक्य | अधिकतम 35 शब्द का एक वाक्य | पठन-सूची, शीर्षक का विचार, त्वरित जाँच |
अच्छा सारांश कैसे जाँचें
- क्या हर मुख्य बिंदु मूल पाठ में मौजूद है?
- क्या संख्याएँ, तारीख़ें और नाम ज्यों के त्यों हैं?
- क्या कोई ज़रूरी बात छूट गई, जैसे कारण या शर्त?
- क्या सारांश अपने-आप में पूरा और साफ़ पढ़ा जाता है?
अगर आपको सारांश अपने शोध-लेख में इस्तेमाल करना है तो उसे अपने शब्दों में ढालें और स्रोत का हवाला दें, इसमें साइटेशन जनरेटर मदद करेगा। शब्द-सीमा के लिए हिंदी वर्ड काउंटर से शब्द गिनें।
सीमाएँ
एक बार में 6,000 अक्षर तक का पाठ लिया जाता है, इसलिए पूरी किताब या लंबी रिपोर्ट को अध्यायों या हिस्सों में सारांशित करें। टूल सिर्फ़ टेक्स्ट पढ़ता है; चित्र, तालिका या स्कैन किए पन्ने पहले टेक्स्ट में बदलने होंगे। भाषा-मॉडल कभी-कभी किसी बारीक शर्त या अपवाद को छोड़ सकता है, इसलिए कानूनी, चिकित्सकीय या वित्तीय पाठ का सारांश मूल से मिलाए बिना न मानें।