शुद्ध-अशुद्ध शब्द
हिंदी के वे शब्द-रूप जिन पर लिखने वाले अक्सर अटकते हैं — हर प्रविष्टि में सही रूप, उसका नियम, दो उदाहरण वाक्य और वह मानक जिस पर वह टिका है।
हिंदी का अपना वर्तनी इंजन
- जाँच का आधार
- केंद्रीय हिंदी निदेशालय (मानक वर्तनी)
- वर्तनी की प्रामाणिक संस्था
- केंद्रीय हिंदी निदेशालय · वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग · Digital Dictionaries of South Asia
- शब्दकोश
- Hunspell hi_IN · शब्दकोश का लाइसेंस: GPL-2.0-or-later (Copyright file: Swapnil Hajare & Sant, 2005)
शुद्ध-अशुद्ध शब्द वे जोड़े हैं जिनमें एक रूप मानक वर्तनी का है और दूसरा आम भूल, जैसे स्थिति और स्थिती। हर प्रविष्टि सही रूप, नियम और दो उदाहरण देती है; आधार केंद्रीय हिंदी निदेशालय का मानक है। जहाँ दोनों रूप मान्य हैं, प्रविष्टि वह भी बताती है। सूची में किसी शब्द को खोजकर तुरंत देखा जा सकता है कि सही रूप कौन सा है और भूल कहाँ होती है। यह लिखते समय त्वरित संदर्भ का काम करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ये प्रविष्टियाँ किस मानक पर आधारित हैं?
हिंदी वर्तनी के लिए आधार केंद्रीय हिंदी निदेशालय की मानक वर्तनी है, जो अनुस्वार, चंद्रबिंदु, नुक़्ता और संयुक्ताक्षर के नियम तय करती है। जहाँ दोनों रूप मान्य हों, प्रविष्टि यह बताती है और मानक रूप का नाम लेती है।
क्या हिन्दी (पंचमाक्षर के साथ) लिखना ग़लत है?
ग़लत नहीं, पर मानक नहीं है। केंद्रीय हिंदी निदेशालय की मानक वर्तनी पंचमाक्षर की जगह अनुस्वार को प्राथमिकता देती है, इसलिए हिंदी को मानक रूप माना जाता है। असल बात एकरूपता की है: एक ही लेख में दोनों शैलियाँ न मिलाएँ।
अपने पाठ में ऐसी भूलें कैसे जाँचूँ?
आम टाइपो और अमानक वर्तनी के लिए पाठ हिंदी स्पेल चेकर में चिपकाएँ, जो आपके ब्राउज़र में चलता है। श्रुतिसम शब्द जैसे गृह और ग्रह वर्तनी में सही होते हैं, इसलिए उनके लिए ग्रामर चेकर इस्तेमाल करें, जो वाक्य को संदर्भ में पढ़ता है।
प्रविष्टियों की जाँच कैसे होती है और मैं सुझाव कैसे दूँ?
हर प्रविष्टि प्रकाशन से पहले उसी मानक से मिलाई जाती है जिसका वह हवाला देती है; जो जाँच में नहीं टिकती, वह खोज-परिणामों से बाहर रहती है। कोई जोड़ा सुझाने या भूल बताने के लिए संपर्क पेज से हमें लिखें।