हिंदी से मराठी अनुवाद: दोनों देवनागरी, फिर भी अलग
हिन्दी मराठी
आपका पाठ कभी सहेजा नहीं जाता। मुख्य सुविधाएँ हमेशा मुफ़्त।
हिंदी और मराठी दोनों देवनागरी में लिखी जाती हैं, पर शब्द और व्याकरण बहुत अलग हैं: मराठी में तीन लिंग हैं, हम के दो रूप हैं और अक्षर ळ है। AdeptWrite का मुफ़्त AI अनुवादक इस जोड़ी के लिए तैयार है। लहजा चुनें, नतीजा किसी मराठीभाषी से पढ़वाएँ और नाम जाँचें। मुहावरों और बोलचाल के प्रयोग को खास तौर पर देखें।
इस भाषा-जोड़ी के लिए सुझाव
- मराठी में तीन लिंग हैं। हिंदी का स्त्रीलिंग "किताब" मराठी में नपुंसकलिंग "पुस्तक" है, इसलिए "मेरी" का "माझे" हो जाता है और क्रिया तथा विशेषण भी बदलते हैं।
- हम के दो रूप हैं: आम्ही (सुनने वाले को छोड़कर) और आपण (सुनने वाले सहित)। हिंदी का "हम" संदर्भ से चुनना होगा, और साथ घूमने के निमंत्रण में आपण आता है।
- कुछ आम हिंदी शब्द बदल जाते हैं: बारिश के लिए पाऊस, कल (आने वाला) के लिए उद्या, कल (बीता) के लिए काल, भूख के लिए भूक। इन्हें हिंदी की तरह वही मानकर न चलें।
- ळ मराठी का अलग अक्षर है, जो हिंदी में ल बन जाता है: कमळ हिंदी में कमल। नामों में ळ हो तो मूल वर्तनी रखें।
- आदर के लिए तुम्ही (आप) का क्रिया-रूप "आहात" है, जबकि "तू" के साथ "आहेस"। औपचारिक पत्रों में तुम्ही वाला रूप रखें।
अनुवाद के उदाहरण
| मूल · हिन्दी | अनुवाद · मराठी | अनुवाद ऐसा क्यों हुआ |
|---|---|---|
| आप कैसे हैं? | तुम्ही कसे आहात? | मराठी में आदर के लिए बहुवचन तुम्ही चलता है और "है" की जगह "आहात"। |
| मुझे भूख लगी है। | मला भूक लागली आहे. | भूख की जगह भूक, और "लगना" की जगह "लागणे"। वाक्य का अंत यहाँ दंड से नहीं, पूर्ण-विराम से किया गया है, जैसा मराठी में चलता है। |
| कल बारिश होगी। | उद्या पाऊस पडेल. | आने वाले कल के लिए उद्या है और बारिश के लिए पाऊस। "होना" की जगह "पडणे" क्रिया आती है। |
| हम सब शाम को घूमने चलेंगे। | आपण सगळे संध्याकाळी फिरायला जाऊ. | यहाँ हम में सुनने वाले भी शामिल हैं, इसलिए "आपण" है, "आम्ही" नहीं। |
| यह किताब मेरी है। | हे पुस्तक माझे आहे. | पुस्तक नपुंसकलिंग है, इसलिए "माझे" और "हे" बने। हिंदी के "यह" और "मेरी" के लिंग वाले रूप यहाँ काम नहीं आते। |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या यह अनुवादक मुफ़्त है?
हाँ, मुफ़्त है और खाता नहीं चाहिए। लहजा चुनें (स्वाभाविक, औपचारिक या अनौपचारिक), पाठ चिपकाएँ और अनुवाद करें। एक अनुरोध में 6,000 अक्षर तक चलते हैं; लंबे दस्तावेज़ को हिस्सों में बाँटें। आपका पाठ सहेजा या मॉडल सिखाने में उपयोग नहीं किया जाता।
क्या मराठी और हिंदी की लिपि एक ही है?
हाँ, दोनों देवनागरी में लिखी जाती हैं, पर मराठी में ळ अक्षर है और कुछ मात्राओं तथा संयुक्ताक्षरों का प्रयोग अलग है। इसलिए शब्दों का मिलान ज़रूरी है, केवल लिपि समान होने से अनुवाद नहीं बनता।
क्या अनुवाद पर आँख मूँदकर भरोसा किया जा सकता है?
नहीं। अनुवाद AI का बनाया मसौदा है और नाम, संख्याएँ तथा पारिभाषिक शब्द छूट या बदल सकते हैं। महाराष्ट्र सरकार के किसी काग़ज़ या सूचना के लिए संबंधित कार्यालय की माँग देखें। अहम दस्तावेज़ को भेजने से पहले उस भाषा के जानकार से पढ़वाएँ।